Kedarnath Dham से मिले कलयुग अंत के Important नए संकेत 2022

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Kedarnath धाम से मिल रहे कलयुग के अंत के संकेत
Kedarnath धाम से मिल रहे कलयुग के अंत के संकेत - 1

दोस्तों Kedarnath Dham भगवान शिव का सबसे ज्यादा रहस्यमई और चमत्कारी स्थान है। यहां पर भगवान शिव का एक अनोखा शिवलिंग है ऐसा शिवलिंग आपने भगवान शिव के किसी अन्य मंदिर में नहीं देखा होगा इस शिवलिंग को किसी ने बनाया नहीं था बल्कि धरती से स्वयं उत्पन्न हुआ था।

Kedarnath Dham से मिले कलयुग अंत के नए संकेत

इसकी खोज आदि गुरु शंकराचार्य ने करी थी। दोस्तों इस बार 2022 में जब Kedarnath धाम के पट खोले गए तो भक्तों में भगवान के दर्शन के प्रति एक गजब उत्साह देखने को मिला। इस साल भक्तों ने दुनिया के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए दुनिया के किसी भी मंदिर में इतने भक्त नहीं आते जितने भक्त Kedarnath Dham में 2 महीने में आ गए।

दोस्तों प्रधानमंत्री Narendra Modi लगभग हर साल केदारनाथ धाम पर दर्शन करने के लिए आते हैं। इस साल भी प्रधानमंत्री मोदी जी अपने हेलीकॉप्टर से Kedarnath Dham ही नहीं बल्कि बद्रीनाथ धाम भी आए थे। यह छठी बार है जब मोदी जी Kedarnath Dham में दर्शन के लिए आए थे और भोले बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया था।

दोस्तों क्या आपको पता है कि हमारे तीर्थ स्थलों के बारे में कुछ ऐसी भविष्यवाणियां की गई है जिससे हमें यह पता चलेगा कि कलयुग का अंत कब होगा। दुनिया के विनाश के पहले प्रकृति हमें कौन-कौन से संकेत देगी और हिंदू धर्म कैसे समाप्त हो जाएगा।

आज की इस पोस्ट को बनाने का उद्देश्य आपको एक ऐसी घटना से रूबरू कराने का है जिसके बारे में जानकर आपकी रूह कांप जाएगी।

कलयुग की भविष्यवाणी क्या है?

Kedarnath Dham से मिले कलयुग अंत के नए संकेतआपको बता दूं कि आज से कुछ दिन पहले लगभग 18 अक्टूबर को केदारनाथ धाम में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया जिसमें सवार थे 6 भक्त और पायलट समेत सात लोग इस दुर्घटना में मारे गए थे।

ऐसी घटनाएं सुनकर आप हमेशा नजर अंदाज और अनसुना कर देते हैं लेकिन असल में यह घटनाएं हमें कुछ बताना चाहती हैं।

हेलीकॉप्टर क्रैश होने के कारण

  • ऐसी कौन सी गलती थी जो हेलीकॉप्टर में मौजूद पायलट ने करी।
  • क्या कारण था जिसके कारण इतनी बड़ी दुर्घटना हो गई।
  • इस प्रकार की घटनाएं हमें किस प्रकार के संकेत दे रही है।

दोस्तों यह बात तो सभी जानते हैं कि आज की टेक्नोलॉजी हमें सुपर एडवांस और सुपरफास्ट बना रही है लेकिन इसका गलत उपयोग करने पर यह हमें हमारे पतन की ओर भी ले जा रही हैं। आज से काफी समय पहले टेक्नोलॉजी काफी ज्यादा एडवांस हुआ करती थी।

मानव और भी ज्यादा उन्नत हुआ करता था। पहले के ऋषि मुनि पल भर में सामने वाले का दिमाग पढ़ लिया करते थे। एक जगह से दूसरी जगह पर हजारों किलोमीटर की दूरी पर टेलिपोर्ट हो जाया करते थे। लेकिन मनुष्य इन टेक्नोलॉजी का गलत उपयोग नहीं करता था।

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वह अपनी टेक्नोलॉजी का उपयोग उतना ही करते थे जितनी आवश्यकता हो लेकिन आज का मनुष्य एक दम अंधा हो चुका है लालच के चक्कर में टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा है लेकिन उसके रूल्स को फॉलो नहीं कर रहा पहले लोग अपनी जान से ज्यादा अपने धर्म को मानते थे लेकिन आज धर्म को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है लोग नॉनवेज मांस मदिरा का सेवन कर रहे हैं।

कलयुग के अंत में लोग कैसे होंगे?

क्या आपने कभी अपनी धार्मिक पुस्तकों के पन्ने पलटे हैं अगर पलटे होते तो आज ऐसी स्थिति न होती दोस्तों टेक्नोलॉजी बढ़ती गई लोग बदलते गए परंपराएं बदलती गई पहले लोग पैदल तीर्थ यात्रा करते थे फिर साइकिल फिर बाइक और फिर फोर व्हीलर और अब तो हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है।

मैं यह नहीं कहता कि उपयोग करना गलत है लेकिन उपयोग करते समय कुछ खास नियमों का ध्यान रखा जाए तो ज्यादा बेहतर है क्योंकि यदि 18 अक्टूबर को हेलीकॉप्टर उड़ आते वक्त विशेष नियमों का ध्यान रखा गया होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना हुई होती है दोस्तों जब मुझे पता चला कि केदारनाथ धाम में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है और उसमें 7 लोगों की मृत्यु हो गई है तो मुझे बहुत ज्यादा दुख हुआ।

भविष्यवाणियों के माध्यम से तो यह भी बताया गया है कि केदारनाथ धाम एकदम लुप्त हो जाएगा नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे और केदारनाथ जाने का रास्ता बंद हो जाएगा जिससे भक्तों केदारेश्वर के दर्शन नहीं कर पाएंगे दोस्तों देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में केदारनाथ धाम सबसे ऊंचाई पर बसा है यह धाम मंदाकिनी नदी के किनारे 3581 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

उत्तराखंड का सबसे विशाल शिव मंदिर है जो पत्थरों के सीधा खंडों को जोड़कर बनाया गया है यह ज्योतिर्लिंग त्रिकोण आकार का है और उसकी स्थापना के बारे में कहा जाता है कि हिमालय के केदार संघ पर भगवान विष्णु के अवतार नर और नारायण जी तपस्या करते थे।

बच्चे से प्रसन्न होकर भोलेनाथ प्रकट हुए और उन्हें ज्योतिर्लिंग के रूप में सदा वास करने का वरदान दिया दोस्तों हिमालय की चोटियों के बीच स्थित भोलेनाथ के इस पावन धाम का संस्कृत में बहुत महत्व है और यह मंदिर जागृत महादेव भी कहलाता है दोस्तों केदारनाथ समुद्र तल से 3553 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पहुंचने का रास्ता भी काफी दुर्गम है।

केदारनाथ को जहां भगवान शंकर का आरंभ करने का स्थान माना गया है वही बद्रीनाथ का आठवां वैकुंठ कहा गया। जहां भगवान विष्णु छह महा निद्रा में रहते हैं और छह महा जागते हैं। दोस्तों भविष्य बताने वाले ग्रंथ भविष्य मालिका में भी यह भविष्यवाणियां की गई है कि जब कलयुग का अंत निकट होगा तो हिंदू धर्म के पवित्र तीर्थ स्थानों से अनिष्ट के संकेत मिलेंगे।

यह बात हम सभी जानते हैं कि कुछ सालों से हिंदू धर्म के चारों धामों से जाने कि केदारनाथ बद्रीनाथ धाम जगन्नाथ और रामेश्वरम से कुछ ऐसी घटनाएं घट रही है जो पहले कभी भी नहीं घटी और अब यह हेलीकॉप्टर की घटना 200 जैसे-जैसे कलयुग बीता जा रहा है वैसे-वैसे हमारे धर्म का पतन होता जा रहा है लोग पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते जा रहे हैं लोगों की आस्था कम होती जा रही है।

अब तो लोग खुद को नास्तिक कहने लगे हैं प्रकृति द्वारा हादसे कभी कबार होते हैं लेकिन मनुष्य के कर्मों से हादसे अक्सर होते रहते हैं इसलिए करते हैं क्योंकि पैसा कमाने के चक्कर में कंपनियां खराब मौसम में भी हेलीकॉप्टर उड़वाती है।

इसी वजह से इतने बड़े बड़े हादसे होते हैं चलिए मैं आपको बताता हूं कि यह हादसा कैसे हुआ दोस्तों जब हेलीकॉप्टर केदारनाथ से वापस आ रहा था तो उसने पायलट समेत 7 लोग सवार थे लेकिन लोगों का कहना है कि उस दिन मौसम कुछ ज्यादा ही खराब था लेकिन फिर भी हेलीकॉप्टर उड़ाया गया।

हेलीकॉप्टर चारों तरफ घूम रहा था दूर-दूर तक कुछ दिख नहीं रहा था तभी अचानक हेलीकॉप्टर एक चट्टान से टकरा गया और हेलीकॉप्टर क्रैश होकर नीचे गरुड़ चट्टी में गिर जाता है। दोस्तों अब तक ऐसी कितनी घटनाएं हो चुकी हैं कि लोगों के दिलों में भय बैठ गया है Kedarnath Dham में साल 2003 में हेलीकॉप्टर की सेवा शुरू की गई थी और तब से अब तक तकरीबन छह से सात घटनाएं घट चुकी है।

यह अशुभ संकेत हैं जिनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है भविष्य मालिका पुस्तक में Kedarnath Dham के बारे में कुछ भविष्यवाणियां लिखी गई है जो एक बहुत बड़े अनिष्ट के संकेत दे रही है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने आपको बताया Kedarnath Dham से मिले कलयुग अंत के नए संकेत अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा हो तो जरूर आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें. अगर आपको कोई भी कंफ्यूजन है तो आप कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं धन्यवाद.

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